Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari: Faiz Ahmed 'Faiz' - Prakash Pandit (Editor) Associate Editor: Suresh Salil
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Lokpriya Shayar Aur Unki Shayari: Faiz Ahmed 'Faiz' - Prakash Pandit (Editor) Associate Editor: Suresh Salil
About The Product:
इस अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक-माला की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब पहली बार नागरी लिपि में उर्दू की चुनी हुई शायरी के संकलन प्रकाशित कर राजपाल एण्ड सन्ज़ ने हिन्दी पाठकों को उर्दू शायरी का लुत्फ़ उठाने का अवसर प्रदान किया। इस पुस्तक-माला का संपादन उर्दू के सुप्रसिद्ध संपादक प्रकाश पंडित ने किया था। हर पुस्तक में शायर के संपूर्ण लेखन में से बेहतरीन शायरी का चयन है और पाठकों की सुविधा के लिए कठिन शब्दों के अर्थ भी दिए हैं। प्रकाश पंडित ने हर शायर के जीवन और लेखन पर - जिनमें से कुछ समकालीन शायर उनके परिचित भी थे - रोचक और चुटीली भूमिकाएं लिखी हैं। आज तक इस पुस्तक-माला के अनगिनत संस्करण छप चुके हैं। अब इसे एक नई साज-सज्जा में प्रस्तुत किया जा रहा है जिसमें उर्दू शायरी के जानकार सुरेश सलिल ने हर पुस्तक में अतिरिक्त सामग्री जोड़ी है। ‘फैज़’ आज के उर्दू शायरों में सबसे अधिक लोकप्रिय हैं. उनकी शायरी ने उर्दू ग़ज़लों और नज़्मों को एक नया रंग, एक नया तेवर दिया है. नयी पीढ़ी का कोई भी शायर ऐसा नहीं कि वह ‘फैज़’ से प्रभावित न हुआ हो. रूप और रस, प्रेम, राजनीति, कला और विचार का जैसा संगम फैज़ अहमद ‘फैज़’ ने प्रस्तुत किया है, उनकी इस देन पर जितना भी गर्व करें, कम है.
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