Bihar ki Qawwaliyan - Raiyan Abulolai
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Bihar ki Qawwaliyan - Raiyan Abulolai
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बिहार में क़व्वाली की बड़ी समृद्ध परंपरा रही है। यहाँ की ख़ानक़ाहों ने जहाँ विश्व को शान्ति और सद्भावना का सन्देश दिया है, वहीं यहाँ के क़व्वालों ने इन सूफ़ी संदेशों को अपना स्वर दिया है। बिहार के सूफ़ी-संतों पर बहुत कुछ लिखा गया है, परन्तु यहाँ की समृद्ध क़व्वाली परम्परा को सहेजने का ये पहला प्रयास है। "बिहार की क़व्वालियाँ" नामी इस किताब में बिहार की ख़ानक़ाहों में पढ़ने वाले क़व्वालों के रोचक किस्सों के साथ-साथ, उनके द्वारा पढ़े जाने वाले कलाम को भी शामिल किया गया है। 18 जून 1997 में ख़ानक़ाह सज्जादीया अबुलउलाईया, दानापुर (पटना) में जन्मे रय्यान अबुलउलाई, प्रसिद्ध सूफ़ी शाइर हज़रत शाह अकबर दानापूरी की वंश परंपरा से आते हैं। रय्यान अबुलउलाई एक गंभीर अध्येता है और उनके सैकड़ों आलेख सूफ़ीवाद, सूफ़ी परंपरा के विषय पर छप चुके हैं। वर्तमान में वे रेख़्ता फ़ाउंडेशन के उपक्रम सूफ़ीनामा से संबद्ध हैं।
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